तुलिका जैसे हों
बहुत मजबूत
और रचनात्मक,
तुलिका के गिलहरी
वाले बालों सी कोमल
और उतने ही सुंदर भी,
जिसे श्वेत प्यारा है
इसलिए कि कोरा श्वेत
उसको निमंत्रण है
बहुत कुछ रंगने को
बहुत कुछ लिखने को,
हां जितने भी रंग हुए
वे सब तुम्हारे लिए ही बनें
उन तस्वीरों को रचने को
जो बोलती होगी,
जो किसी चित्रकार
द्वारा सहेजी जाती रही
सदा साथ रखने को
चित्रकार के प्राण बन
बिल्कुल तुम तुलिका जैसे।

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