ये बस चलता फिरता चित्र संग्रहालय है
और इसकी खिड़कियां कैनवास
दृश्यों को कैद करती ये खिड़कियां
और पल पल बदलते चित्र-फलक
खेतों में लहराती हरी-पीली फसलें
और बीच रास्ते आता नहरों का पानी
पानी भरे खेतों में बादलों का प्रतिबिंब
और बादलों के नीले-लाल-सफेद-गुलाबी-पीले रंग
काली सड़कों संग चलती सफ़ेद पट्टीयां
और ये सड़क किनारे खिलते फूल
बारिश के खेत व मिट्टी की गंध
और आसमान में निकलें इंद्रधनुष के रंग
फसलों को बोते, काटते और ढोते खुबसूरत लोग
और दुर से दिखती इनकी रंग-बिरंगी गठरियां
सामने से निकलती भेड़,बकरी व बैले
और इस झुंड को बांधने वाला चरवाहा
गगन में उड़ते पक्षियों की आकृति
और विमानों से बनते सीधी रेखा के बादल
भट्ठों से निकलता कोरा सफेद धुआ
और सांचे से निकलीं कच्ची ईंट
कुछ वेदना भरे रंगों के कैनवास
और बिजली के तारों से लटके मृत पक्षी
दुर्घटनावश करहाते बेसहारा लोग
और बेहिसाब बहता लाल रंग

और इनके मटमैले रंग के घर,कपड़े व बर्तन
संग्रहालय में बैठा कला मुमुक्षुक
और तय करता अपनी सृजनात्मक यात्रा
कि बस चलता फिरता चित्र संग्रहालय है
और बसों की खिड़कियां कैनवास
- शिवं




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